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डायबिटीज से बचने के उपाय। टाइप -1, टाइप-2 मधुमेह के लक्षण, कारण व छुटकारा पाने के घरेलू नुस्खे

वजन घटाने के घरेलू नुस्खे। 15 दिन में पाएं मनचाहा वजनडायबिटीज के मरीज लगातार बढ़ते जा रहे हैं। प्रत्येक दिन इसके मरीजों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। कुछ ताजा आंकड़ों के अनुसार जिस तरह डायबिटीज के मरीजों की संख्या बढ़ रही है उससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि 2025 में इसके मरीजों की संख्या लगभग 13 करोड़ के आसपास हो जाएगी। आखिर क्या वजह है कि डायबिटीज से लोग प्रभावित हो रहे हैं? डायबिटीज क्या है? डायबिटीज के लक्षण क्या है? डायबिटीज से कैसे बचा जा सकता है? डायबिटीज से बचने के घरेलू उपाय ? इन सब के बारेे में हम अपने इस लेख में चर्चा करेंगे तो आइए शुरू करते हैं -
High blood sugar kit

क्या है डायबिटीज:-

                                डायबिटीज एक अवस्था है जिसमें इंसुलिन, जो हमारे शरीर में शुगर कंट्रोल करता है। यदि यह इंसुलिन हमारे शरीर में 50% से कम बनता है तो व्यक्ति की शुगर सामान्य से ऊपर जाने लगती है और इसे ही डायबिटीज कहते हैं। डॉक्टर इसे डायबिटीज मेलाटाइज कहते हैं। इसे मधुमेह और शुगर के नाम से भी जाना जाता है। यह एक ऐसी बीमारी है जो एक बार होने पर जीवन भर साथ निभाती है लेकिन अगर मधुमेह के शुरुआती लक्षणों की पहचान कर ली जाए तो इसका इलाज बहुत आसान है।



डायबिटीज के प्रकार:-


                                डायबिटीज मुख्यतः तीन प्रकार की होती हैं-

(1) टाइप-1 मधुमेह

(2) टाइप-2 मधुमेह

(3) गर्भावधि मधुमेह


टाइप-1 डायबिटीज क्या है?:-
                                       टाइप-1 मधुमेह में शरीर इंसुलिन का उत्पादन नहीं करता है। यह ज्यादातर बच्चों और किशोरों को होता है। लगभग 10% मधुमेह के मरीज टाइप-1 प्रकार के होते हैं। इसके मरीजों को इंसुलिन के उत्पादन के लिए इंसुलिन के इंजेक्शन लेने पड़ते हैं जिससे वे अपना जीवन व्यतीत कर सकें।
Holding a injection



टाइप-2 डायबिटीज क्या है?:-

                                          टाइप-2 मधुमेह में मोटापे और सतह क्षेत्र के कारण शरीर में इंसुलिन की मात्रा बनती तो है किंतु उसकी मात्रा पर्याप्त नहीं होती है। इंसुलिन प्रतिरोध के कारण कोशिकाएं शरीर में इंसुलिन की प्रतिक्रिया नहींं करने देती है। 90% रोगी टाइप 2 प्रकार के डायबिटीज से पीड़ित होते हैं। इसे स्वस्थ जीवन शैली और दवाओं से नियंत्रित किया जा सकता है। बस कुछ ही मामलों में इंसुलिन की आवश्यकता पड़ती है। इसमेंं ब्लड शुगर का स्तर बढ़ जाता है साथ ही इन मरीजों के रक्त में कोलेस्ट्रोल,वसा के अवयव भी असामान्य हो जातेे हैं।
Piles for diabetes


डायबिटीज के लक्षण क्या हैं?:-

                                            यदि आप डायबिटीज के शिकार हो चुके हैं तो आपको ये निम्न संकेत दिखाई देंगे-

(1) बार- बार पेशाब आना या मुह सूखना :-

                                                              यदि आप काफी लंबे समय से हाई ब्लडशुगर से पीड़ित हैं तो आपके शरीर में जो बढ़ा हुआ शुगर है उसे शरीर से बाहर निकालने के लिए बहुत ज्यादा तरल द्रव की आवश्यकता होती है तो आपको प्यास भी ज्यादा लगेगी और आप पेशाब करने भी बार बार जाएंगे। यदि आपके शरीर में हाई ब्लड शुगर है तो ज्यादा संभावना है कि आपको यूरिन इन्फेक्शन हो चुका है इससे भी आप ज्यादा पेशाब करने जाते हैं।

(2) बार- बार भूख लगना:-

                                     आप खाना खाते हैं और खाना खाने के 20-30 मिनट बाद आपको फिर से भूख महसूस होती है तो यह एक कारण हो सकता है कि आप डायबिटीज के शिकार हो गए हो। क्योंकि आपके शरीर में इंसुलिन नहीं मिल पाती जिससे शरीर को ऊर्जा नही मिलती है और ये ग्लूकोज को मसल्स मे प्रवेश नहीं करने देता जिससे बार-बार भूूूख लगती है।

(3) घाव बहुत धीरे धीरे भरना:-

                                            जब हमारे शरीर मे शुगर लेवल बढ़ जाता है तो यह रक्त प्रवाह को भी प्रभावित कर देता है और जब हमें चोट लगती है या घाव हो जाता है तो वहां WBCs प्रभावित हो जाती हैं और घाव बहुत धीरे धीरे भरता हैै।

(4) आंखों का धुुंधलापन:-

                                     यदि आपके खून मे शुगर बढ़ चुका होता है तो आपका शरीर बाकी भागों से तरल द्रव को खींचकर रक्त की तरफ खीचता है जिससे जो हाई ब्लडशुगर है वो सामान्य हो पाए। इसीलिए शरीर आंखों से भी तरल द्रव को खीचता है जिसके कारण आंखों के लेंस प्रभावित हो जाते हैं और फोकस करनेेे में दिक्कत होती है तथा दृष्टि धुंधली हो जाती है।


(5) हमेशा थकावट और सुस्ती रहना:-


                                                यदि शरीर को पूरी तरह ऊर्जा नही मिल पाती है तो हम पूरा दिन थका थका सा महसूस करते हैं इसी प्रकार यदि आपका इंसुलिन प्रभावित हो चुका है तो यह इंसुलिन आपकी मसल्स तक ग्लूकोस को नहीं पहुंचा पा रहा होता है और जब भी हम खाना खाते हैं तो उससे मिली ऊर्जा हमारे पूरे शरीर को नहीं मिल पाती है और हमेशा थकावट रहती है यदि आपको शरीर में थकावट महसूस होती है और हमेशा सुस्ती रहती है तो यह डायबिटीज का एक लक्षण हो सकता है।

(6) बहुत ज्यादा प्यास लगना:-

                                            यदि आप पानी पीते हैं और फिर आपको लगता है कि आपको प्यास लगी है।तो यह डायबिटीज का एक लक्षण हो सकता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आपका शरीर आपकेे टिश्यू से फ्ल्यूड को खींचकर आपके रक्त में डालना चाहता है ताकि जो हाई ब्लड शुगर है  वह सामान्य हो पाए  इस प्रक्रिया में द्रव की कमी हो जाती है  और हमें बार-बार प्यास महसूस होती है।

(7) बार बार इन्फेक्शन होना:- 

                                          यदि आपको लगता है कि आपको बार-बार इंफेक्शन हो रहे हैं तो यह भी डायबिटीज का लक्षण हो सकता है क्योंकि बैक्टीरिया हमारे शरीर में बहुत ज्यादा प्रगति करते हैं यदि हमारे शरीर में शुगर का बहुत ज्यादा लेवल बढ़ा हुआ है तो इंफेक्शन से लड़ने की क्षमता भी कम हो जाती है।

तो दोस्तों यह वह लक्षण थे जो आपके शरीर में अचानक उत्पन्न होते हैं तो हो सकता है कि आपका ब्लड शुगर बढ़ा हुआ हो। मैं यह नहीं कहता कि इनमें से कोई लक्षण यह चीज कंफर्म कर देते हैं की आपको डायबिटीज हो ही चुका है क्योंकि टेस्ट ही डायबिटीज को कंफर्म करने का इकलौता तरीका है इसलिए अपने मन से कोई निर्णय ना लें और जाकर टेस्ट करवाएं। यह बहुत सस्ता होता है और आप अपने नजदीकी ब्लड टेस्ट सेंटर में जाकर टेस्ट करवा सकते हैं।

डायबिटीज से बचने के घरेलू उपाय- सहजन पत्तों का सेवन:- 

सहजन के पत्तों में दूध की तुलना में 4 गुना कैल्शियम और 2 गुना प्रोटीन पाया जाता है। जोकि मधुमेह के लिए बहुत ही कारगर होता है। मधुमेह में इन पत्तों के सेवन से भोजन के पाचन और रक्तचाप को कम करने में मदद मिलती है जिससे मधुमेह अत्यधिक तेजी के साथ नियंत्रित होता है इसके नियमित सेवन से भी लाभ प्राप्त होता है सहजन के पत्तों का सेवन डायबिटीज से बचने के उपायों में से एक है।

डायबिटीज से बचने का उपाय- टमाटर,खीरे व करेले के जूस का सेवन:

इस उपाय मे एक टमाटर, एक खीरा और एक करेला लेना है और तीनों को मिलाकर उसका जूस निकाल लेना है। अब इस जूस को सुबह सुबह खाली पेट लेना है। यह जूस डायबिटीज के लिए बहुत फायदेमंद और असरदार होता है।

डायबिटीज को जड़ से खत्म करने का घरेलू उपाय- गेहूं के पौधे का रस :

गेहूं के पौधे मे  रोग नाशक गुण होते हैं जो अनेक प्रकार के रोगों को खत्म कर देते हैं। आपको गेहूं के छोटे-छोटे पौधे लेकर उनका रस निकालना है। इस रस को निकालने के बाद इसका प्रतिदिन सेवन करना है। इस रस को प्रतिदिन सेवन करने मधुमेह में नियंत्रण रहता है।


डायबिटीज को रोकने का सरल उपाय- शलजम तथा अन्य सब्जियों का सेवन :

डायबिटीज के रोगियों को शलजम का प्रयोग अधिक करना चाहिए क्योंकि शलजम रक्त में शर्करा की मात्रा को कम कर देता है इसलिए शलजम का प्रयोग खूब करें। इसके अतिरिक्त मधुमेह के रोगी को तोरई, लोकी,परवल, पालक, पपीते आदि का सेवन भी अधिक मात्रा में करना चाहिए

मधुमेह को नियंत्रित करने का घरेलू उपाय- सदाबहार की पत्तियों और फूलों का सेवन:

मधुमेह रोगियों को सदाबहार के फूल और पत्तियों को एकत्रित कर लेना चाहिये फिर इन फूलों की कोमल पत्तियों को चबाकर इसका चूसना चाहिए और सदाबहार के पत्तों को सुबह खाली पेट चबाकर दो घूंट पानी पी लें। इससे मधुमेह में अत्यधिक राहत मिलती है। इसके अतिरिक्त आप आधे कब गर्म पानी में सदाबहार के तीन-चार ताजे गुलाबी फूल 5 मिनट तक भिगोकर रख दें और यह पानी सुबह खाली पेट पिएं। यह नुस्खा भी काफी कारगर है।

हाई ब्लडशुगर को नियंत्रित करने का उपाय- दालचीनी और लौंग के पानी का सेवन:

इस नुस्खे मे हमें 2 ग्राम दालचीनी का चूर्ण और एक लौंग लेना है। इन दोनों को उबलते पानी में डालकर ढक कर रख दें। 15 मिनट बाद इस पानी को पी लें। रोजाना दो बार सुबह शाम ऐसा करने से काफी तेजी से डायबिटीज पर नियंत्रण किया जा सकता है।

मधुमेह से बचने का सरल तरीका- बेलपत्र,नीम और तुलसी के पत्तों का सेवन:

आपको 6 बेलपत्र, 6 नीम के पत्ते 6 तुलसी के पत्ते,6 बैंगन बेलिया के हरे पत्ते, 3 साबुत काली मिर्च को लेकर उसे पीस लेना है और खाली पेट पानी के साथ लेना है। इसके सेवन के आधे घंटे बाद तक कुछ ना खाएं। इसके नियमित सेवन से भी शुगर सामान्य हो जाती है।

डायबिटीज टिप्स- फराशबीन की फली का सेवन:

कच्ची फराशबीन की फलियों को खाने से शुगर काफी हद तक नियंत्रित हो सकती है।फराशबीन को कम तेल में आधा कच्चा रह जाए तब तक पकाएं।इसे चबाने से डायबिटीज नियंत्रण में रहती है। इसके अतिरिक्त आप फराशबीन और पत्ता गोभी के रस को मिलाकर सेवन करें। यह नुस्खा भी काफी कारगर है।

डायबिटीज को नियंत्रित करने का उपाय- बेल और सीताफल का चूर्ण:

इस नुस्खे में आपको बेल और सीताफल के पत्तों को लेना है अब इन पत्तों को अलग-अलग पीस लेना है दोनों चूर्णो को समान मात्रा में लेकर एक चम्मच पानी के साथ लेना है इस प्रकार डायबिटीज के रोगी को अत्यधिक राहत मिलेगी।

डायबिटीज को सामान्य करने के घरेलू नुस्खे- छुईमुई के काढ़े का सेवन:

इस नुस्खे में आपको छुईमुई की लगभग 100 ग्राम पत्तियों को लेना है फिर इसे 300ml पानी में उबालना है और इसका काढ़ा बनाना है। इस काढ़े को पीने से डायबिटीज के रोगी काफी आराम महसूस करते हैं।

 डायबिटीज का कारगर नुस्खा- गिलोय का चूर्ण:

इस नुस्खे में गिलोय को लेकर उसका चूर्ण बना लेना है अब इस चूर्ण को लगभग 15 ग्राम लेकर घी में मिला लेना है और इसका सेवन करना है। यह नुस्खा डायबिटीज के नियंत्रण में काफी कारगर है।

हाई ब्लड शुगर नियंत्रित करने का उपाय- भिंडी, इलायची, दालचीनी और काली मिर्च का मिश्रण:

इस नुस्खे में 5 ग्राम भिंडी का पाउडर, 5 ग्राम इलायची,दालचीनी के छाल का पाउडर और काली मिर्च 5 दाने लेना है फिर इन सब को कूटकर एक मिश्रण तैयार कर लेना है इस मिश्रण के तीन हिस्से कर के रोजाना दिन में 3 बार गुनगुने पानी में मिलाकर सेवन करें इसे जल्द ही आराम मिलता है।

शुगर लेवल कम करने का उपाय- तुलसी के पत्तों का सेवन:

इस नुस्खे में आपको दो-तीन तुलसी के पत्तों को प्रतिदिन खाली पेट लेना है या 1tablespoon तुलसी के पत्ते का जूस लेना है इससे शुगर लेवल काफी तेजी से सामान्य होता है।

डायबिटीज का कारगर घरेलू नुस्खा- करेले का जूस:

करेले को मधुमेह की औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इसका कड़वा रस शुगर की मात्रा को कम करता है। उगले करेले के पानी से मधुमेह शीघ्र और स्थाई रूप से समाप्त किया जा सकता है।

तो दोस्तो हमने इस लेख के माध्यम से डायबिटीज क्या है इसके लक्षण क्या है और इससे बचने का घरेलू उपाय क्या है इसके बारे में जाना। मुझे आशा है कि यह लेख आपको  पसंद आया  होगा। यदि आपको लेख अच्छा लगा तो आप अपनी प्रतिक्रिया कमेंट बॉक्स में जरूर दें।


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