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Piles (बवासीर) treatment in hindi - बवासीर को कैसे दूर करें- लक्षण कारण और उपचार in hindi

आजकल बहुत कम ऐसे लोग मिलेंगे जिन्हें बवासीर की समस्या न हो। सामान्य तौर पर जब हमें कोई तकलीफ होती है जैसे सर्दी, जुकाम, सर दर्द या कमर दर्द तो हम तुरंत डॉक्टर से संपर्क करके इसका इलाज करवा लेते हैं किंतु यदि बवासीर की बीमारी हो जाए तो हम डॉक्टर के पास तो क्या हम अपने घर वालों को नहीं बताते हैं और बताने में संकोच करते हैं तब इसका परिणाम यह होता है कि बवासीर कई अन्य बीमारियों जैसे भगंदर और कैंसर को जन्म दे देता है। आज हम इस लेख में बवासीर(पाइल्स) के लक्षण, कारण और उसे घरेलू नुस्खों से कैसे ठीक किया जाए? इसके बारे में विस्तार से जानेंगेे-

पाइल्स (बवासीर) क्या होता है: what is piles in hindi:-

आमतौर पर मलद्वार के आसपास होने वाली बीमारी को लोग पाइल्स समझने लगते हैं। क्योंकि पाइल्स की बीमारी में दर्द कम होता है किंतु ब्लीडिंग अधिक होती है। पाइल्स के ज्यादातर केसेस में ब्लीडिंग होती हैं जब रोगी शौच जाता है तो उसे ब्लड आता है इसे ही बवासीर कहते हैं।बवासीर रोग में गुदा के आंतरिक और बाहरी हिस्से पर सूजन और फुंसियां हो जाती है, इससे गुदा के रास्ते में खून आता है और दर्द भी होता है। बवासीर बीमारी ज्यादातर 45 से 65 साल के लोगों में देखने को मिलती है। लगातार कब्ज होने के कारण भी बवासीर हो सकती है मेडिकल भाषा में बवासीर को हेमरॉयड्स कहते हैं।

पाइल्स(बवासीर) के लक्षण: symptoms of piles in hindi:-

आमतौर पर पाइल्स दो प्रकार के होते हैं पहला होता है इंटरनल पाइल्स और दूसरा होता है एक्सटर्नल पाइल्स। इंटरनल पाइल्स में ज्यादातर लोगों को ब्लीडिंग होती है और इस ब्लीडिंग की वजह से रोगी को कमजोरी महसूस होती है जिसके कारण वह डॉक्टर के पास जाता है यदि इंटरनल पाइल्स ज्यादा बढ़ जाता है या ज्यादा पुराना हो जाता है तो मस्से भी निकल सकते हैं।

एक्सटर्नल पाइल्स में मस्से फील होते हैं और साथ ही शौच करते वक्त या बाद में दर्द भी होता है और कुछ लोगों को ब्लीडिंग भी हो सकती है। कई बार एक्सटर्नल पाइल्स में खून का थक्का जम जाता है इसकी वजह से बहुत सूजन हो जाती है तथा बहुत तेज दर्द भी होता है जो कि बिना शौच पास किए भी होता है। यह एक इमरजेंसी सिचुएशन है इसलिए आपको जल्द से जल्द किसी अच्छे चिकित्सक को दिखाना चाहिए।

पाइल्स होने पर गुदा के रास्ते में मस्से बन जाते हैं यह मस्से ऊतकों( टिश्यू) में सूजन आने की वजह से बनते हैं। यह मस्से अलग-अलग साइज के हो सकते हैं और यह internal और external दोनों प्रकार के हो सकते हैं। इंटरनल मस्से गुदा से दो-चार सेंटीमीटर अंदर की तरफ हो सकते हैं और एक्सटर्नल मस्से गुदा से बाहर की तरफ होते हैं। अंदरूनी मस्से के केस ज्यादा होते हैं।

जिस व्यक्ति को पाइल्स होता है उसे गुदा वाली जगह पर गांठे महसूस होती हैं जिससे दर्द हो सकता है इसमें खून भी निकल सकता है। खून वाली बवासीर को एक्सटर्नल हेमोरॉयड्स कहते हैं और मल त्याग करने के बाद भी व्यक्ति को ऐसा लगता है कि उसका पेट साफ नहीं हुआ है लेकिन उसका यह भ्रम होता है क्योंकि अंदर मल नहीं होता। यह मस्सों के कारण होता है।

शौच जाने पर खून दिखाई देता है शरीर में गुदा के आसपास सूजन आ जाती है और वहां की त्वचा लाल हो जाती है तथा खुजली व दर्द भी महसूस होता है। इसे नजरअंदाज बिल्कुल ना करें वरना आपको एनीमिया हो सकता है क्योंकि इसमें अधिक मात्रा में खून भी बह सकता है।

पाइल्स के प्रकार: kind of piles in hindi:-

पाइल्स के प्रभाव को देखते हुए इसे 4 ग्रेड में बांटा गया है।
(1) ग्रेड-1
(2) ग्रेड-2
(3) ग्रेड-3
(4) ग्रेड-4

Grade-1 में गुदा के अंदर हल्की सूजन होती है जिसे देखना मुश्किल होता है।

Grade-2 में पाइल्स grade-1 से थोड़ा बड़ी होती है लेकिन वह गुदा के अंदर ही होती है। मल त्याग करते समय यह बाहर आ सकती है लेकिन बाद में अंदर भी हो जाती है।

Grade-3 में पाइल्स गुदा के बाहर आ जाती है और बाहर ही लटकती रहती हैं। इसे अंदर की तरफ धकेला जा सकता है।इसे prolapsed hemorrhoids कहा जाता है।

Grade-4 मे पाइल्स और ज्यादा बड़ी हो जाती है इसे अंदर की ओर धकेला भी नहीं जा सकता और यह बाहर ही लटकती रहती है। इस स्टेज पर पाइल्स का इलाज करवाना बहुत जरूरी होता है।

पाइल्स(बवासीर) के कारण:causes of piles in hindi:-

कब्ज पाइल्स का एक अहम कारण है। क्योंकि कब्ज जब ज्यादा पुराना हो जाता है तो पेट कभी साफ होता ही नहीं है। इस कब्ज के भी कई कारण होते हैं जैसे ज्यादा मसाले वाली चीजेंं खाना, तली भुुुनी चीजें जैसे- पिज़्ज़ा, बर्गर, मोमोज, पास्ता आदि। इसमें लोगोंं की डाइट बहुत ही अलग-थलग हो जाती है। जैसे उसमें बहुत ही कम फाइबर और बहुत ही ज्यादा फैट वाली चीजें शामिल होती हैं जिसकेेेे कारण पाइल्स होने के चांसेस और ज्यादा बढ़ जाते हैं। पाइल्स के और भी बहुत सारे कारण हैं जैसे किसी स्थान पर ज्यादा देर तक बैठे रहना, वाहन पर ज्यादा दूरी तय करना, टॉयलेट में ज्यादा समय बिताना। इसके अतिरिक्त बहुत सारे लोग आजकल मोबाइल, न्यूज़ पेपर और मैगजीन जैसी चीजें लेकर लैट्रिन में बैठते हैं और वही ज्यादा देर तक टाइम बिताते हैं जिसकी वजह से उन्हें पाइल्स होने का खतरा बढ़ जाता है। इसका एक और कारण हो सकता हैै जैसे लैट्रिन करते वक्त आप जोर लगाते हैं तो लैट्रिन का रास्ता नीचे की और आता है इसे मस्से बनने की संभावना बढ़ जाती हैै और पाइल्स का खतरा बढ़ जाता है इसलिए आप इन सभी कारणों को ध्यान में रखते हुए कोई भी ऐसा कार्य ना करें जिससे कि आपको यह समस्या हो।

पाइल्स (बवासीर) के घरेलू उपाय: home remedies for piles in hindi:-

इलायची के चूर्ण से करें बवासीर पाइल्स का इलाज: treatment of piles with cordamom powder in hindi:-

इस नुस्खे के लिए आपको 50 ग्राम बड़ी इलायची लेना है फिर इसे गर्म तवे पर रखकर अच्छे से भून लेना है। अब इसे ठंडा होने के लिए रख दें। जब वह ठंडा हो जाए तो उसे पीसकर पाउडर बना लें फिर इस पाउडर को प्रतिदिन खाली पेट सुबह सुबह खाने से बवासीर में बहुत फायदा मिलता है।

बवासीर (पाइल्स) के घरेलू उपचार में करें गुड़ और हरड़ का इस्तेमाल: use jaggery and myrobalon in home remedy of piles in hindi:-

इस नुस्खे के लिए आपको गुड़ और हरड़ लेना है। गुड़ और हरड़ दोनों को प्रतिदिन खाने से बवासीर में बहुत लाभ प्राप्त होता है। इससे बवासीर के रोगी को काफी राहत मिलती है।

नागकेसर, मिश्री और मक्खन के प्रयोग से करें बवासीर को खत्म: eliminate piles with nagkeshar, mishri and butter in hindi:-

इस नुस्खे के लिए आपको नागकेसर, मिश्री और थोड़ा सा मक्खन लेना है। अब तीनों को बराबर मात्रा में लेकर इसे लगातार नियमित रूप से 10 दिनों तक सेवन करना है। इसके सेवन से बवासीर के रोगी को काफी आराम महसूस होता है।

बवासीर को खत्म करने के लिए करें मूली का उपयोग:use radish to eliminate piles in hindi:-

इस नुस्खे के लिए आपको मूली लेना है फिर इसे प्रतिदिन सुबह सुबह खाली पेट इसका सेवन करना है। इसके सेवन से कुछ ही दिनों में आपकी बवासीर खत्म हो जाएगी।

नींबू और कत्थे से करें बवासीर का घरेलू उपचार: home remedies for piles with lemon catechr in hindi:-

उसके लिए आपको नींबू और कत्था लेना है। खूनी बवासीर के लिए नींबू को बीच में से काट कर उसमें लगभग 4 से 5 ग्राम कत्था पीसकर डालना है। इन दोनों नींबू के टुकड़ों को रात में छत पर खुला रख दीजिए। जब सुबह आप शौच कर के आए तो इन दोनों टुकड़ों को चूस लें। 5 से 6 दिनों तक ऐसा नियमित रूप से करते रहने पर बवासीर से राहत मिलती है।

केले से करें बवासीर को जड़ से खत्म: remove piles with banana in hindi:-

इस नुस्खे के लिए आपको एक पका हुआ केला लेना है फिर इस केले को चीरकर बीच से दो टुकड़े कर लेने हैं फिर उस पर कत्था पीसकर छिड़क दें। रात को इस केले को छत पर या खुले आसमान के नीचे रख दें। सुबह शौच जाने के बाद इस केले को खा लें। 1 हफ्ते तक ऐसा नियमित रूप से करते रहने पर भयंकर से भयंकर बवासीर भी जड़ से खत्म हो जाती है।
बवासीर का घरेलू इलाज
केला

मट्ठे से करें बवासीर का घरेलू इलाज: home remedy for piles with butttermilk in hindi:-

इस नुस्खे में आपको 2 लीटर मट्ठा लेना है फिर उसमें 50 ग्राम पिसा हुआ जीरा और थोड़ा-सा सेंधा नमक मिला देना है। पूरा दिन जब भी पानी प्यास लगे तो पानी के स्थान पर इस मट्ठे को पी लें। 5 से 7 दिन तक यह उपाय नियमित रूप से करते रहने पर बवासीर में काफी आराम मिलता है और मस्से भी ठीक हो जाते हैं।

बवासीर के घरेलू उपाय में करें नीम के छिलके का प्रयोग:use neem peels in hime remedy of piles in hindi:-

इस नुस्खे के लिए आपको नीम के छिलके को निंबौरी सहित लेना है फिर इसे पीसकर इसका पाउडर बना लेना है। अब प्रतिदिन 10 ग्राम इसे लेकर बासी पानी के साथ सेवन करें। इससे बवासीर में जरूर लाभ होगा किंतु इसके साथ भोजन में घी खाना बहुत ही आवश्यक है।

पिप्पली का प्रयोग करें बवासीर खत्म करने में: use pippli to remove piles in hindi:-

इस नुस्खे के लिए आपको छोटी पिप्पली लेना है फिर उसे पीसकर उसका पाउडर बना लेना है फिर इस पाउडर को शहद के साथ सेवन करने से शीघ्र ही बवासीर में आराम मिलता है।

बवासीर से राहत के लिए प्रयोग करें जिमीकंद: use yam in relief of piles in hindi:-

इस नुस्खे के लिए जिमीकंद को देसी घी में मिलाकर बिना मसाले की भुरता बना कर खाना है। इसके प्रयोग से बवासीर में जल्दी आराम मिलता है।

किसमिस से करें बवासीर का उपचार: treat piles with dry grapes in hindi:-

इस नुस्खे के लिए आपको थोड़ी सी किसमिस लेना है और 200 मिलीलीटर पानी में इस किसमिस को डालकर भिगो देना है। लगभग 6 से 7 घंटे तक इसे भिगोकर रखें फिर इसे निकाल कर इस का जूस बना ले और इस जूस का सेवन दिन में एक बार जरूर करें। 4 से 5 दिन में ही आपको इसका असर दिखाई देगा ज्यादा अच्छे परिणाम के लिए इसे 15 से 20 दिनों तक जरूर सेवन करें।

गाय के दूध और नींबू से करें बवासीर का रामबाण इलाज:eliminate piles with cow milk and lemon in hindi:-

नुस्खे के लिए आपको गाय का ताजा दूध लेना है फिर उसमें एक नींबू को निचोड़ देना है फिर तुरंत इस दूध को पी लें। इसे पीने से 5 से 7 दिनों में बवासीर ठीक हो जाती है।

क्या खाएं:-

(1) फाइबर वाली चीजेें ज्यादा खाएं।

(2) अनाज में आप गेहूं व ज्वार की रोटियां, चावल, अरहर की दाल, राजमा और दलिया आदि खा सकते हैं।

(3) फलों में अनार, केला, सेब, संतरा, आम, आंवला, पपीता और अमरूद आदि खा सकते हैं।

(4) सब्जियों में पालक, परवल, तरोई, चौलाई, टमाटर, गाजर, चुकंदर और मूली आदि खा सकते हैं।

(5) नॉनवेज मे आप मछली, चिकन वगैरह कभी-कभी खा सकते है।

(6) सुबह उठते ही आधा लीटर पानी जरूर पिएंं और प्रतिदिन 10 से 12 गिलास पानी अवश्य पिएंं।

क्या न खाएं:-

(1) अनाज में मैदे से बनी चीजें ना खाएं जैसे ब्रेड, टोस्ट, पास्ता, नूडल्स और मैगी आदि।

(2) सब्जी मैं बैंगन और आलू को नहीं खाना है।

(3) खटाई और चटपटे पदार्थ का सेवन ना करें।

(4) बासी भोजन और उड़द की दाल ना खाएं।

तो दोस्तों हमने इस पोस्ट के द्वारा बवासीर से कैसे बचें और इसे जड़ से खत्म करने के घरेलू उपायों के बारे में जाना यदि आपको यह पोस्ट पसंद आई तो आप अपनी प्रतिक्रिया कमेंट बॉक्स में अवश्य दें।
धन्यवाद।।।।

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