सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

एसिडिटी को खत्म करने के 10 घरेलू नुस्खे acidity treatment in hindi

दोस्तों आजकल भाग दौड़ भरी जिंदगी में न तो अपने स्वास्थ्य की देखभाल कर पाते हैं और न ही अपने खान पान की। जिससे हम एसिडिटी जैसी समस्या के शिकार हो जाते हैं। इसलिए आज हम आपको एसिडिटी से बचने के 10 घरेलू नुस्खे बताएंगे जो बहुत ही उपयोगी हैं।
एसिडिटी से बचने के घरेलू उपाय

क्या है एसिडिटी

हमारा पाचन तंत्र खाए गए भोजन को पचाने के लिए पेट मे एसिड बनाता है जिसके कारण हमारा पाचन तंत्र नियंत्रण मे रहता है।यदि इस एसिड की मात्रा संतुलित रहती है तो हमारा पाचन तंत्र और पेट दोनों स्वस्थ रहते हैं और यदि एसिड की मात्रा ज्यादा हो जाती है तो यह एसिडिटी यानि कि अम्लता कहलाती है।इससे हमारे पेट मे जलन, पेट दर्द और गैस जैसी समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं।

एसिडिटी के कारण

(1) भोजन मे अत्यधिक अंतराल

यदि आप दिनभर मे दो बार खाना खाते हैं तो पहले और दूसरे खाने के बीच मे बहुत लंबा अंतराल होने से आपको एसिडिटी हो सकती है।

(2) आंतों मे बैक्टीरिया का असंतुलन

यदि आपकी आंतों मे बैक्टीरिया का असंतुलन हो गया है तो आपको एसिडिटी की समस्या हो सकती है।

(3) पेट मे एसिड का कम बनना

पेट मे एसिड कम बनने से भी एसिडिटी की समस्या हो 
जाती है।

(4) पर्याप्त नींद न लेना

यदि आप पर्याप्त नींद नहीं लेते हैं या बहुत कम सोते हैं तो आपको बदहजमी की समस्या हो सकती है जिससे डाइजेस्टिव सिस्टम प्रभावित होता है। इसलिए 7-8 घंटे जरूर सोएं।

(5) दवाइयां खाना

यदि आपको किसी भी तरह की समस्या है और आप उसके लिए दवाइयों का इस्तेमाल करते हैं तो आपको एसिडिटी होना स्वाभाविक है।

(6) हाई फाइबर फूड्स खाना

यदि आप हाई फाइबर फूड नहीं खाते हैं और कभी कभी जब आप इन्हें खा लेते हैं तो आपको एसिडिटी की समस्या हो जाती है। इसलिए धीरे-धीरे अपनी डाइट में इसे शामिल करें।

(7) खट्टे पदार्थों से एलर्जी

कुछ लोगों को खट्टी चीजों से एलर्जी होती है। ऐसे लोग जब खट्टी चीजें खाते हैं तो उन्हें एसिडिटी का सामना करना पड़ता है।

एसिडिटी के लक्षण

(1) पेट मे दर्द, पेट फूलना छाती और उसके आसपास दर्द होना एसिडिटी का प्रमुख लक्षण है।

(2) सीने मेे जलन या सीने मैं रुक-रुक कर जलन होना एसिडिटी का लक्षण है क्योंकि गैस पेट से सीधे मुंह की ओर आती है जिससेे हमारे सीने में समस्या हो जाती है।

(3) एसिडिटी केे कारण गले में खराश, आवाज का भारी होना और लंबे समय तक गले में दर्द होता है।

(4) अत्यधिक डकार आना और डकार के साथ मुंह का स्वाद खराब हो जाना एसिडिटी का ही लक्षण है।

(5) बिना वजह वजन का बहुत ज्यादा कम हो जाना एसिडिटी का एक प्रमुख लक्षण है।

एसिडिटी के घरेलू उपाय


(1) तुलसी

रोजाना चार से पांच तुलसी के पत्ते खाने से एसिडिटी व गैस की समस्या के साथ ही पेट के कई अन्य रोग भी खत्म हो  जाते हैं। इसके अतिरिक्त तुलसी की चाय या काढ़ा बनाकर भी पी सकते हैं। इससे अतिशीघ्र आराम मिलता है।

(2) पपीता

यदि आपको गैस या एसिडिटी की समस्या है तो आप बहुत हल्का और थोड़ा भोजन खाएं और मेरा खाने के बाद थोड़ा सा काला नमक डालकर पपीता जरूर खाएं इससे कब्ज से भी छुटकारा मिलता है।

(3) नारियल पानी

नारियल पानी मे विटामिन और पोषक तत्व भरपूर मात्रा मे होते हैं। इसलिए यह एसिडिटी मे रामबाण का कार्य करता है। जब भी आपको यह समस्या हो 2-3 बार नारियल पानी पिएं, आराम मिल जाएगा।

(4) अनानास

अनानास मे पाचक रस उपस्थित होते हैं। इसके सेवन से अपच से सम्बंधित सभी समस्याएं दूर हो जाती हैं लेकिन हमेशा ध्यान रखें कि अनानास पका होना चाहिए वरना कच्चा अनानास आपको फायदा करने के बजाय नुकसान पहुंचा देता है।

(5) मेथी दाना

इसके लिए मेथी दाने मे हल्दी, हींग और जीरे को मिलाकर अच्छी तरह पीसकर पाउडर बना लें। सुबह खाना खाने के बाद इस पाउडर को छाछ या लस्सी के साथ पी जाएं। इससे गैस व एसिडिटी मे बहुत जल्द आराम मिल जाता है।

(6) जीरा

जीरा के सेवन से पाचन से संबंधित सभी समस्याएं समाप्त हो जाती हैं। जब भी आपको एसिडिटी की समस्या हो एक चम्मच जीरा पाउडर को ठंडे पानी के साथ घोलकर पी लें, बहुत लाभ होगा।

(7) अदरक

थोड़ी सी सूखी अदरक चाय में डालकर पीने से बहुत राहत मिलती है। अदरक के एक टुकड़े को घी में सेंककर काला नमक लगाकर खाने से पेट की एसिडिटी से छुटकारा मिल जाता है। इसका काढ़ा बनाकर भी पी सकते हैं।

(8) भरपूर पानी

गैस या एसिडिटी की समस्या हो या न हो दिनभर मे कम से कम 7 से 8 गिलास पानी जरूर पिए। इसके अतिरिक्त जब भी यह समस्या हो तो ज्यादा से ज्यादा पानी पीजिए इससे एसिड बाहर होता है और आराम मिल जाता है।

(9) पुदीना

इसके लिए पुदीने की कुछ पत्तियां चबा ले। इसके अलावा पुदीने की पत्तियों का काढ़ा या चाय बना कर भी पी सकते हैं इससे एसिडिटी में लाभ होगा।

(10) लौंग

लौंग चूसने से या लौंग के पाउडर को शहद के साथ लेने से गैस की समस्या भी दूर हो जाती है।

और पढ़ें-

टिप्पणियां

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

गिलोय के औषधीय फायदे- लाभ जानकर हो जाएंगे हैरान।

आजकल अधिकतर सुनने में आ रहा है कि बुखार से छुटकारा पाने के लिए गिलोय का काठा पिलाएँ। आखिर गिलोय कौन सा पौधा है, कहाँँ पाया जाता है, किन किन रोगों में कारगर होता है इसका वर्णन इस लेख के माध्यम से करने का प्रयास किया जा रहा है गिलोय के फायदे गिलोय के अन्य नाम:-                                  गिलोय को गुडूच, अमृतगिलोय , गुडुची आदि नामों से भी जाना जाता है इसे मराठी में गलों कहते हैं। इसका वानस्पतिक नाम टीनोस्पोरा कोर्डीफोलिया तथा यह मनीस्प्रमेसी कुल के अंतर्गत आते है। गिलोय को दिव्य औषधि माना जाता है। गिलोय का प्राकृतिक आवास:-                                                  गिलोय की पत्तियां हृदय के आकार की होती है तथा देखने में पान के पत्ते की तरह लगती है। इसका पौधा लता के रूप में होता है जो कि भारत, म्यामार व श्रीलंका में भरपूर मात्रा में जंगली रूप में उगता हुआ देखा जा सकता है। इसकी पत्तियां 10 से 20 सेंटीमीटर लंबी तथा 8 से 15 सेंटीमीटर चौड़ी होती है। गिलोय की लताएं जंगलों पहाड़ों खेतों की मेड़ों चट्टानों आदि स्थानों पर पाई जाती है। इसकी लताएं वृद्धि के लिए दूसरे वृक्षों

Hair fall tips: बालों का झड़ना कैसे रोकें। hair fall causes, symptoms and hair fall home remedies

दोस्तों ज्यादातर लोगों में बालों का झड़ना, डैंड्रफ, बालों का सूखापन, पतलापन और वक्त से पहले बालों का सफेद होना बहुत ही ज्यादा आम समस्या है क्योंकि जब भी बालों से जुड़ी हुई कोई भी छोटी बड़ी समस्या होती है तो लोग अक्सर ऐसी चीजों का इस्तेमाल करते हैं जिसे अपने बालों में लगाकर अपनी इस प्रॉब्लम से छुटकारा पा जाएं। लेकिन ऐसा सोचना बिल्कुल गलत है क्योंकि बालों का झड़ना या गिरना एक ऐसी प्रॉब्लम है जिसे बालों में लगाने वाली चीजों का यूज करके सही नहीं किया जा सकता बल्कि इसके साथ-साथ खानपान और अपनी डेली लाइफ में की जाने वाली आदतों में सुधार करना बहुत जरूरी होता है। हम कई ऐसी गलतियां करते हैं जिसके कारण हमारे बाल झड़ने की समस्या उत्पन्न हो जाती है तो आइए जानते हैं वह कौन सी गलतियां या कारण है जिनसे हेयर फॉल होता है- Hair fall causes  हेयर फॉल के कारण: hair fall reasons in hindi:- (1) सुबह उठकर नहाना:- सुबह उठकर नहाने में सबसे ज्यादा उपयोग पानी का किया जाता है। यहां समस्या यह है कि जितना ख्याल हम अपने पीने का पानी का रखते हैं उतना ख्याल हम अपने नहाने के पानी का कभी नहीं रखते। यदि हमारे न

डायबिटीज से बचने के उपाय। टाइप -1, टाइप-2 मधुमेह के लक्षण, कारण व छुटकारा पाने के घरेलू नुस्खे

वजन घटाने के घरेलू नुस्खे। 15 दिन में पाएं मनचाहा वजनडायबिटीज के मरीज लगातार बढ़ते जा रहे हैं। प्रत्येक दिन इसके मरीजों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। कुछ ताजा आंकड़ों के अनुसार जिस तरह डायबिटीज के मरीजों की संख्या बढ़ रही है उससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि 2025 में इसके मरीजों की संख्या लगभग 13 करोड़ के आसपास हो जाएगी। आखिर क्या वजह है कि डायबिटीज से लोग प्रभावित हो रहे हैं? डायबिटीज क्या है? डायबिटीज के लक्षण क्या है? डायबिटीज से कैसे बचा जा सकता है?   डायबिटीज से बचने के घरेलू उपाय ?  इन सब के बारेे में हम अपने इस लेख में चर्चा करेंगे तो आइए शुरू करते हैं - क्या है डायबिटीज:-                                 डायबिटीज एक अवस्था है जिसमें इंसुलिन , जो हमारे शरीर में शुगर कंट्रोल करता है। यदि यह इंसुलिन हमारे शरीर में 50% से कम बनता है तो व्यक्ति की शुगर सामान्य से ऊपर जाने लगती है और इसे ही डायबिटीज कहते हैं। डॉक्टर इसे डायबिटीज मेलाटाइज कहते हैं। इसे मधुमेह और शुगर के नाम से भी जाना जाता है। यह एक ऐसी बीमारी है जो एक बार होने पर जीवन भर साथ निभाती है लेकिन अगर मधुमेह के शुरुआती